खान सर ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, प्रिंस यादव की मौत पर बोले- 'मुझे बेवजह बनाया जा रहा है जिम्मेदार'

खान सर ने पहली बार तोड़ी चुप्पी, प्रिंस यादव की मौत पर बोले- 'मुझे बेवजह बनाया जा रहा है जिम्मेदार'

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Khan Sir breaks silence for the first time on Prince

पटना। मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान में 2 जून को हुए विवाद और उसके बाद हुई घटनाओं पर पहली बार खान ग्लोबल स्टडीज के संचालक खान सर ने खुलकर अपनी बात रखी है।

एक यूट्यूब चैनल को दिए इंटरव्यू में उन्होंने अपने ऊपर लगाए गए आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि उन्हें बिना वजह पूरे मामले में दोषी ठहराया जा रहा है।  

इस दौरान उन्होंने ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव की मौत से जुड़े आरोपों पर भी विस्तार से जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि प्रिंस यादव की नेपाल जाने या वहां हुई मौत के लिए उन्हें जिम्मेदार ठहराना पूरी तरह गलत है। इसमें उनकी कोई भूमिका नहीं है। 

'क्या मैंने उसे नेपाल भेजा था?'

रौशन आनंद ने आरोप लगाया था कि खान सर द्वारा फायरिंग की झूठी बात कहे जाने के कारण प्रिंस यादव नेपाल चला गया, जहां बाद में उसकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई।

इन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए खान सर ने कहा, 'क्या मैंने उसे नेपाल भेजा था? क्या मैंने उसे कमर में पिस्टल लेकर घूमने के लिए कहा था? क्या मैंने कहा था कि नेपाल से शराब लेकर आओ या किसी का अपहरण करो?'उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोप निराधार हैं और उन्हें जानबूझकर इस मामले में घसीटा जा रहा है।इंटरव्यू के दौरान खान सर ने दावा किया कि प्रिंस यादव के खिलाफ पहले से ही कई आपराधिक मामले दर्ज थे।

उनके अनुसार, प्रिंस पर दो अपहरण (किडनैपिंग) और तीन आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज थे तथा पुलिस अन्य मामलों में भी उसकी तलाश कर रही थी।

खान सर का कहना था कि इन्हीं मामलों के कारण वह नेपाल गया था, न कि उनके किसी बयान की वजह से। जब उनसे पूछा गया कि किसी मृत व्यक्ति के बारे में इस तरह के आरोप लगाना उचित है या नहीं। 

इसपर उन्होंने कहा कि वह केवल जांच से जुड़ी बातों का जिक्र कर रहे हैं और उन्हें गलत तरीके से दोषी बनाया जा रहा है।

'यूपी वाला व्यक्ति मेरा चाचा नहीं'

इंटरव्यू में खान सर ने उत्तर प्रदेश के एक व्यक्ति द्वारा खुद को उनका चाचा बताए जाने के दावे को भी खारिज कर दिया। उन्होंने कहा कि वह व्यक्ति उनका चाचा नहीं है और झूठे दावे कर रहा है।

गौरतलब है कि 2 जून की रात मुसल्लहपुर हाट स्थित कोचिंग संस्थान में हुए विवाद के बाद ज्ञान बिंदु के संचालक रौशन आनंद और उनके दो सहयोगियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था। बाद में रौशन आनंद को जमानत मिल गई।

इसी मामले में रौशन आनंद के भाई प्रिंस यादव फरार चल रहे थे। बाद में नेपाल के एक होटल में उनकी संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी।

दूसरी ओर, इस मामले में खान सर के दो सुरक्षा गार्ड भी गिरफ्तार किए गए थे। बाद में अदालत ने खान सर समेत तीन लोगों को अग्रिम जमानत, जबकि दोनों गार्डों को नियमित जमानत दे दी।